अनोखा है इंसानी जिस्म: जानिए मानव शरीर के हैरान करने वाले रहस्य
हमारा शरीर किसी चमत्कारी सुपर-कंप्यूटर या अनूठी फैक्ट्री से कम नहीं है, आइए जानते हैं इसके बारे में कुछ दिलचस्प बातें।
चित्र: अद्भुत क्षमताओं और जटिल तंत्रिकाओं से बना हमारा मानव शरीर।
1. जबरदस्त फेफड़े
हमारे फेफड़े हर दिन 20 लाख लीटर हवा को फिल्टर करते हैं और हमें इस बात की भनक भी नहीं लगती। यदि फेफड़ों को पूरी तरह से फैलाया या खींचा जाए, तो ये टेनिस कोर्ट के एक बड़े हिस्से को ढंक सकते हैं।
2. ऐसी और कोई फैक्ट्री नहीं
हमारा शरीर हर सेकंड 2.5 करोड़ नई कोशिकाएं बनाता है। साथ ही, हर दिन 200 अरब से ज्यादा रक्त कोशिकाओं का निर्माण करता है। हर वक्त शरीर में 2500 अरब रक्त कोशिकाएं मौजूद होती हैं। खून की मात्र एक बूंद में ही 25 करोड़ कोशिकाएं पाई जाती हैं।
3. लाखों किलोमीटर की यात्रा
इंसान का खून हर दिन शरीर में लगभग 1,92,000 किलोमीटर का सफर तय करता है। हमारे शरीर में औसतन 5.6 लीटर खून होता है, जो हर 20 सेकेंड में एक बार पूरे शरीर का चक्कर काट लेता है।
4. धड़कन, धड़कन
एक स्वस्थ इंसान का हृदय हर दिन 1,00,000 बार धड़कता है। साल भर में यह आंकड़ा 3 करोड़ से ज्यादा पार कर जाता है। दिल का पम्पिंग प्रेशर इतना तेज होता है कि वह खून को 30 फुट ऊपर तक उछाल सकता है।
5. सारे कैमरे और दूरबीनें फेल
इंसान की आंखें एक करोड़ रंगों में बारीक से बारीक अंतर आसानी से पहचान सकती हैं। फिलहाल दुनिया में ऐसी कोई आधुनिक मशीन या कैमरा नहीं है जो हमारी आंखों का मुकाबला कर सके।
💡 क्या आप जानते हैं?
- नाक में नेचुरल एयर कंडीशनर: हमारी नाक गर्म हवा को ठंडा और ठंडी हवा को गर्म कर फेफड़ों तक पहुंचाती है।
- 400 किमी/घंटा की रफ्तार: हमारा तंत्रिका तंत्र इतनी तेज रफ्तार से शरीर के बाकी हिस्सों तक जरूरी निर्देश और सिग्नल पहुंचाता है।
- बेजोड़ छींक: छींकते समय बाहर निकलने वाली हवा की रफ्तार 166 से 300 किलोमीटर प्रतिघंटा हो सकती है। आंखें खोलकर छींक मारना पूरी तरह नामुमकिन है।
6. शरीर का जबरदस्त मिश्रण
हमारे शरीर में 70 फीसदी पानी होता है। इसके अलावा बड़ी मात्रा में कार्बन, जिंक, कोबाल्ट, कैल्शियम, मैग्नीशियम, फॉस्फेट, निकिल और सिलिकॉन जैसे तत्व मौजूद होते हैं।
7. बैक्टीरिया का गोदाम
हैरान करने वाली बात यह है कि इंसान के कुल वजन का 10 फीसदी हिस्सा शरीर में मौजूद बैक्टीरिया की वजह से होता है। हमारी त्वचा के महज एक वर्ग इंच हिस्से में ही लगभग 3.2 करोड़ बैक्टीरिया होते हैं।
8. ईएनटी (ENT) की विचित्र दुनिया
हमारी आंखें बचपन में ही पूरी तरह विकसित हो जाती हैं, बाद में उनमें कोई विकास नहीं होता। इसके विपरीत, हमारी नाक और कान पूरी जिंदगी धीरे-धीरे विकसित होते रहते हैं। हमारे कान लाखों आवाजों में अंतर पहचान सकते हैं और ये 1,000 से 50,000 हर्ट्ज के बीच की ध्वनि तरंगें सुन सकते हैं।
9. दांतों की मजबूती और मुंह की नमी
इंसान के दांत चट्टान की तरह मजबूत होते हैं, लेकिन शरीर के दूसरे हिस्सों के विपरीत दांत बीमार या टूटने पर खुद को दुरुस्त नहीं कर पाते। वहीं हमारे मुंह में हर दिन 1.7 लीटर लार बनती है, जो खाने को पचाने के साथ-साथ जीभ की 10,000 से ज्यादा स्वाद ग्रंथियों को नम रखती है।
10. नाखून, बाल और दाढ़ी की रफ्तार
हमारे हाथ के अंगूठे का नाखून सबसे धीमी रफ्तार से और मिडिल फिंगर (मध्यमा) का नाखून सबसे तेजी से बढ़ता है। पुरुषों में दाढ़ी के बाल सबसे तेजी से बढ़ते हैं; यदि कोई शख्स पूरी जिंदगी शेविंग न करे, तो दाढ़ी 30 फुट तक लंबी हो सकती है। इसके साथ ही, एक स्वस्थ इंसान के सिर से हर दिन औसतन 80 बाल स्वाभाविक रूप से झड़ते हैं।
11. खाने का अंबार और झपकती पलकें
एक आम इंसान अपनी जिंदगी के लगभग 5 साल सिर्फ खाना खाने में गुजार देता है। हम ताउम्र अपने वजन से 7,000 गुना ज्यादा भोजन खा चुके होते हैं। बात करें पलकों की, तो महिलाएं पुरुषों की तुलना में दोगुनी बार पलकें झपकती हैं, जो आंखों में नमी बनाए रखने के लिए जरूरी है।
12. सपनों की दुनिया और नींद का महत्व
इंसान दुनिया में आने से पहले ही, यानी अपनी मां के गर्भ में ही सपने देखना शुरू कर देता है। बच्चों का शारीरिक विकास वसंत ऋतु में सबसे तेजी से होता है। नींद के दौरान हमारा दिमाग अहम सूचनाओं को स्टोर करता है, शरीर की रिपेयरिंग करता है और इसी समय विकास के लिए जिम्मेदार सबसे महत्वपूर्ण हार्मोन्स रिलीज होते हैं।
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