05 September 2010

क्षमा

क्षमा - जीवन उत्थान का मार्ग है।
क्षमा - नर से नारायण, संसारी से शिव,
क्षमा - साधक से सिद्ध, दानव से मानव,
क्षमा - खुशहाली का खजाना है।
क्षमा - ही परम सुख है।
क्षमा - ही अंतिम सत्य है।
क्षमा - वीतराग धर्म की पगडंडी है।
क्षमा - सभी गुणों का दाता है।
क्षमा - जीवन में शांति-संतोष समता प्रदाता है।
क्षमा - धारण करने से दुःख-दर्द
क्षमा - सभी भेदभाव मिटाता है।
क्षमा - मोक्ष का दरवाजा है।
क्षमा - स्नेह की सरिता है।
क्षमा - मोक्ष मार्ग की प्रथम सीढ़ी है।
क्षमा - आत्मा का आनंद है।
क्षमा - जीवन निर्माता है।
क्षमा - धर्म की जननी है।
क्षमा - में लक्ष्मी का भंडार है।
क्षमा - ही अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाता है।

1 comment:

विवेक सिंह said...

जय हो क्षमा की !