पाश्चात्य भाषा मात्र मेकअप है, मातृभाषा हमारी असली धरोहर
आपाधापी की दौड़ और अपडेट दिखने की होड़ में कहीं हम हिंदी को हीन तो नहीं समझ रहे?
हम आपाधापी की दौड़ में अपने को अपडेट बताने के चक्कर में क्या कहीं हिंदी भाषा को हीन तो नहीं समझ रहे हैं? हमें जैसे दुनिया की नजर में अपडेट दिखना जरूरी होता है, वैसे ही हिंदी के प्रति भी संवेदनशील होना अति आवश्यक है।
मातृभाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति की पहचान है।
मेरे पास किसी व्हाट्सएप ग्रुप में हिंदी को समर्पित यह वीडियो आया जो आपके साथ भी साझा कर रहा हूँ, जिससे हमारी आंखें खुलें। परायों को अपनाते-अपनाते कहीं हमारे अपने तो नहीं छूट रहे हैं?
नज़र बट्टू टीम का हृदयस्पर्शी वीडियो: आत्मावलोकन जरूर करें
मातृभाषा के प्रति जागरूकता लाने के उद्देश्य से नजर बट्टू टीम द्वारा निर्मित यह हृदयस्पर्शी वीडियो पूरा देखकर आत्मावलोकन जरूर करें। आपको मालूम होगा कि हम वास्तव में कितने गलत रास्ते पर जा रहे हैं...






